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Monday, January 6, 2020

Tensions in US-Iran make investors nervous, gold shines, 10 reasons for rise

US-ईरान में तनाव से निवेशक घबराए, सोना चमका, तेजी की 10 वजहें







ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी से सोने की चमक और तेज हो गई है. तनाव की वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी से उछाल आ रहा है. ऐसे में निवेशकों के लिए सोने में निवेश सबसे सुरक्षित लगता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में बीते हफ्ते 29 डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और आने वाले दिनों में तेजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद की जा रही है. पीली धातु बीते साल 2019 में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुकी है और नया साल 2020 में भी यह निवेशकों के लिए निवेश का पसंदीदा साधन बनी रह सकती है









अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव चार महीने के ऊंचे स्तर पर है जबकि भारत के हाजिर और वायदा बाजार में सोना 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए नई ऊंचाई पर चला गया है. वहीं सोमवार सुबह 10 ग्राम सोने का भाव 41000 के ऊपर पहुंच गया है. सर्राफा बाजार जानकारों की मानें तो अगले तीन महीने में बुलियन में तेजी का रुख बना रह सकता 


सोने में तेजी रहने की ये 10 प्रमुख वजहें हैं:








1. अमेरिका-ईरान में तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव गहराने से सोने के दाम को सपोर्ट मिल रहा है. अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह सुलेमानी की मौत का बदला लेने की हिमाकत करेगा तो इसका अंजाम और बुरा होगा, क्योंकि अमेरिका उसके 52 ठिकानों को निशाना बना सकता है. उधर, उत्तर कोरिया ने आण्विक परीक्षण दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है कि जिससे भूराजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ है.





2. वैश्विक आर्थिक सुस्ती: अमेरिका और चीन के बीच बीते 18 महीनों के दौरान व्यापारिक मसलों को लेकर टकराव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार मंद पड़ गई और अनिश्चितता का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है. यही कारण रहा कि बीते साल 2019 में सोने में कुछ ज्यादा ही निखार आया






3. ब्याज दरों में कटौती: वैश्विक स्तर पर पिछले दिनों केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और डॉलर में जो कमजोरी रही उससे सोने की तेजी को सपोर्ट मिला। डॉलर में कमजोरी अभी भी बरकार 



4. पिछले साल सोना में भारत में 23.77 फीसदी, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैश्विक बाजार में निवेशकों को 18.28 फीसदी का रिटर्न मिला है इसलिए पीली धातु में निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है








5. तेजी का ट्रेंड: सोने में तेजी के ट्रेंड के इतिहास पर नजर डालें तो जब भी महंगी धातु में तेजी आती है तो यह ट्रेंड तीन से चार साल तक चलती है




6. इक्विटी में गिरावट की आशंका: बीते साल इक्विटी में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा रिटर्न मिला, लेकिन आगे गिरावट की आशंका है जिससे सोने के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ेगा क्योंकि यह निवेश का सुरक्षित उपकरण 





9. भारतीय बाजार की बात करें तो घरेलू मुद्रा रुपये में कमजोरी भी एक कारण है जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है. वहीं, देश में जब-जब सोने में तेजी आती है तो खरीदारी बढ़ती है और इसके विपरीत कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी का रुझान कमजोर रहता है
Tensions in US-Iran make investors nervous, gold shines, 10 reasons for rise Reviewed by AajTakSweta on January 06, 2020 Rating: 5 US-ईरान में तनाव से निवेशक घबराए, सोना चमका, तेजी की 10 वजहें ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी से सोने की चमक और तेज हो गई है. तनाव की वजह से क...

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